गुरुवार, 4 जून 2009

भारतीय आज़ादी का इतिहास: भाग-1

श्री राजीव दीक्षित जी की व्याख्यानमाला । : भाग-1 .
विषयः भारतीय आज़ादी का इतिहास: भाग-1


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भारतीय आज़ादी का इतिहास: भाग-2 जल्दी ही आपको सुनने को मिलेगा ।
आपको ये व्याख्यान कैसा लगा? आपके विचार आमंत्रित हैं ।

5 टिप्‍पणियां:

  1. अति उत्तम पहल।
    शुभकामनाएँ। यहाँ आता रहूँगा।

    word verification रखा हो तो हटा दें। कष्टकारी है।

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  2. राजीव जी ,

    भावनात्मक और उद्देस में निहित इस सपने में मेरी और आपकी सहमति है.
    आपकी भाषा शैली भी ओज पूर्ण है . आम जन को प्रभावित करने में .
    लेकिन आपके दिए हुए कुछ तथ्यों में भयानक तथ्यात्मक गलतियाँ हैं , जिस से संभवतः आप मूर्ख नहीं तो हास्यास्पद ( या दोनों भी )साबित किये जा सकते है .

    जो महत उद्देस आपने लिया है , फिर भी , सराहनीय है .

    स्वाभिमान के बजाय अभियान या अवाहन कहें खुद को तो ज्यादा सही हो . क्योंकि इन लुटेरों के पहले ' हम देश वासियों का ' ka किया धरा भी एक शर्म ही है . उसका अभिमान भी उतना ही खतरनाक है .

    ..........जीतेंद्रिय वगैरह कह ' नयी ' लंगोट बंदी ' से भी बचें . आवाहन देश की नारियों , माँओं बहनॉ , बेटियों को भी दें . मजदूर किसानों को भी . समस्त समाज को !

    और ये परमपूज्य 'जी' वगैरह का चक्कर हटा दीजिये तो ही ठीक. पोंगा पंथियों की ध्वनि आती है.

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  3. बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

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भारत स्वाभिमान एक जनआंदोलन है । इस आंदोलन रूपी यज्ञ में हमें आपकी आहुति की जरूरत पड़ेगी । आप अपने सपनों का भारत कैसा चाहते हैं ? आपके अमूल्य विचार, संदेश और जानकारियां आमंत्रित हैं । जय हिंद ।